महानगर का काव्य
ऋषिकेश खोङके "रुह"
Monday, July 28, 2025
रुत सावन की आई (गीत)
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मित्रों **सावन रुत** का पर्दापण हो चुका हैं और ये रुत जैसे रिमझिम वर्षा और हरियाली की द्योतक हैं उसी प्रकार काव्य के संसार में ये **विरह की ...
Saturday, July 26, 2025
बस इक ख़ज़ाना चाहिए (ग़ज़ल)
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बस इक ख़ज़ाना चाहिए। दिल में ठिकाना चाहिए।। तन्हा बहलता दिल नहीं । कोई फ़साना चाहिए।। ग़म राग जैसे भैरवी । गा कर सुनाना चाहिए।। आँसू मिरे बहत...
Wednesday, July 2, 2025
दुआओं में असर (ग़ज़ल)
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ये दुआओं में असर होता हैं क्या । देखते हैं मांग कर होता हैं क्या ।। रात काटी जाग कर, बेकल रहा । कुछ नहीं दिल को ख़बर होता है क्या।। भूलना उस...
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Sunday, June 22, 2025
**पांडुरंग हरी**
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श्री हरी विट्ठल,श्री हरी विट्ठल , श्री हरी विट्ठल,श्री हरी विट्ठल । भक्तों का सखा वो, भक्तों की माऊली ।। पुंडरीक निवेदन का जिसने मान रखा, क...
Thursday, June 19, 2025
पत्नी की तारीफ (शादी की सालगिरह विशेष)
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अपनी शादी की सालगिरह सोचा काव्यमय मनाऊं । चैट जीपीटी से पत्नी की तारीफ में कविता लिखवाऊं। चैट जीपीटी को ओपन कर बोला, भाई पत्नी की तारीफ में...
Tuesday, June 10, 2025
नटखट कन्हैया
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पनिया भरन कूप जाऊं कैसे मईया । गगरीया फोर देत नटखट कन्हैया ।। पनिया भरन कूप जाऊं कैसे मईया । भीगी मेरी अंगिया, भीगी मेरी चोली , कितना सहूं म...
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Wednesday, June 4, 2025
ज़िंदगी (ग़ज़ल)
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जिंदगी तू कमाल है । तोहफा बेमिसाल है ।। खुद से खफा हों किसलिए । हर घड़ी ये सवाल है ।। ठोकरें लाख राह में रोक सकें मजाल है ।।...
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