Sunday, April 2, 2023
अशआर
Sunday, March 5, 2023
रंजिश है तो सामने से निभा
रंजिश है तो सामने से निभा,
खंजर को मेरी पीठ ना दिखा ।।
ईमान तू रख दे बाजार में,
देखें तो सही किस दाम बिका ।।
कितना डरता है अल्फाजों से,
तख्त तेरा किस बात से हिला ।।
नफरत फैला तू चाहे जितनी,
हम नही देंगे बदलने फिज़ा ।।,
बयाने-रुह तो ना-फानी है,
कर कोशिश, मिटा सके, मिटा ।।
Monday, February 27, 2023
तेरी यादों का स्वेटर
आज फिर,
दिल की अटैची से,
नसाफत से तह किया हुआ,
तेरी यादों का स्वेटर निकाला है ।
अब भी तेरी खुशबू इसमें महकती है ।
मुझे उम्मीद है,
ऐसा एक स्वेटर,
तेरे पास भी होगा।
धूप में मत रखना, महक चली जाएगी।
जहन से तेरी तस्वीर हटाऊं कैसे
जहन से तेरी तस्वीर हटाऊं कैसे |
सांस है तू, फिर लेना भूल जाऊं कैसे ||
मिनट में सौ बार धड़कता है लैकिन |
दिल की धड़कन तुम्हे सुनाऊं कैसे ||
कान्हा तो नही मैं पर बांसुरी तुम हो |
रख तो लूं होठों पर, बजाऊं कैसे ||
लानत भैजो गर नजर हट जाएं।।
हुस्न पर पलकें झपकाऊं कैसे ।।
जो कहे रूह , कमबख्त कम है ।
बयाने हुस्न को अल्फाज लाऊं कैसे ।।
***ऋषिकेष खोडके "रूह"***
Monday, January 16, 2023
अमृत
तेरी यादों से
महकने को अनंतकाल तक,
सोचता हूं,
चांद की रोशनी में भीगा हुवा,
एक कटोरी दूध,
शरद पुनम की रात पी लूं,
सुना है उस दिन ,
चांद की रोशनी से,
अमृत बरसता है
**ऋषिकेश खोड़के "रूह"****
Saturday, September 19, 2020
इक मर्ज ने सब बिगाड़ दिया।
इक मर्ज ने सब बिगाड़ दिया।
आसरा कितनो का उजाड़ दिया ।।
भूख से बिलबिलाता था वो बच्चा।
तो खाना कचरे से जुगाड दिया।।
ज़िन्दगी की खातिर मिलों चल के,
मैराथन विजेता पछाड़ दिया।।
चलते चलते जो रुका सदा को,
वहीं सड़क किनारे गाड़ दिया ।।
जिसकी भी जहां जब थकी सांसे।
जिस्म से "रूह" को उखाड़ दिया ।।