जइयो नाहीं ओ घनश्याम रे, जइयो नाहीं
मोरे नैना तोका निहारते, जइयो नाहीं।।
हम घूँघट उठावें के मुख तोरा प्रान भयो,
प्रीत लागी ऐसी, हियरा भी जान गयो।
लाज की रेखा जोबन लांघ गयो राम रे।
जइयो नाहीं ओ घनश्याम रे, जइयो नाहीं
बंसी की तान तोरी, सुध बिसराय,
काम काज भुलायो, दईया सब हाय।
चित चपला बंसी तोरी रसधाम रे।
जइयो नाहीं ओ घनश्याम रे, जइयो नाहीं।
चरणन की धूलि हम मांग भर लीन्ह,
खुद को तोरी अर्धभागीनी कर लीन्ह।
तो बिनु नाहीं हमारो कोऊ ठाम रे।
जइयो नाहीं ओ घनश्याम रे, जइयो नाहीं।
गागरियन फोडन पनघट पधारों,
आवन की बाट जोहै मनवा हमारो,
फोड़ौ इन गगरियन, रख्यौ सिर पै थाम रे।
जइयो नाहीं ओ घनश्याम रे, जइयो नाहीं।