परों को आजमा के देखो।
ऊंचाइयों पे जा के देखो।।
कोई आवाज़ नही उठेगी।
बस्तियों को जला के देखो।।
कब्जे में हैं फुटपाथ भी।
चादर तो बिछा के देखो।।
फुटपाथ पे मरी सर्दी।
चादर को हटा के देखो।।
परिंदे आ ही जायेंगें।
दरख्तों को लगा के देखो।।
किसी का टिफिन बॉक्स है।
कूड़े के पास जाके देखो ।।
कोई सुन ले रूह शायद
शोर में चिल्ला के देखो।